Friday, February 21, 2025

ketu aarti


केतु आरती

ॐ जय केतु राजा
जय जय केतु राजा 
तुमरा ध्यान धरूं मैं 
मेरे कष्टों को खा जा

जय हो केतु राजा
जय जय केतु राजा 
केतु जी की आरती
जो कोई जन गावे
कष्टों से मुक्ति वो पावे

ॐ जय केतु राजा
जय जय केतु राजा
भक्त जनो के संकट
केतु जी ही नष्ट करे

केतु है मन का ज्ञाता 
यही मन को भटकाता 
यही नारी का दुश्मन
यही पुरुष को सताता 

इसकी पूजा है जरूरी
सब इच्छा करता ये पूरी
यही है कष्टों का मालिक
दुष्टों कष्टों से यही बचाता 

ॐ जय केतु राजा 
जय जय केतु राजा 
तू ही मेरा रक्षक
तू ही मुक्ति दाता

मोक्ष का तू ही मालिक
तू ही धर्म ध्वजा कहलाता
जय जय केतु राजा 
जय जय केतु राजा

ॐ जय केतु राजा
जय जय केतु राजा 
तुमरा ध्यान धरूं मैं 
मेरे कष्टों को खा जा

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