ज्ञान का वरण जो भी करेगा वही ईश्वर = ईश + वर बन जाएगा
ईस्वर= हवा की ऊर्जा यानि कृष्णांश को वरण करने वाला ही निरोगी काया प्राप्त कर सकता है।
ईश्वर यानि जिसने ज्ञान को वर लिया हो।
प्रत्येक पुरुष को कृष्णन्श वा प्रत्येक महिला को कृष्णिका बनना ही होगा
विवाह सिर्फ कृष्णन्श वा कृष्णिका के बीच ही होना चाहिए अन्यथा बीमार बच्चे ही पैदा होंगे।
कृष्णान्श ऊर्जा के उपयोग से ही सम्भव है कृष्णन्श वा कृष्णिका बनना।
अग्रसेन वंशज गीत: ज्ञान कुच्छल वेद से
टाइम साइंटिस्ट
No comments:
Post a Comment